Monday, 20 April 2015

क्या आनलाईन फार्म भरवाने के बाद अगली प्रक्रिया भूल गयी सरकार

क्या आनलाईन फार्म भरवाने के बाद अगली प्रक्रिया भूल गयी सरकार?
बात तो चौकाने वाली है लेकिन हॉ यह भी सच है उत्तर प्रदेश सरकार में ऐसा भी हो रहा है अभी पिछले दिनों हुई पुलिस विभाग की भर्ती को लेकर तमाम प्रकार के आरोपों को झेल रही यूपी सरकार जाने क्यों अभ्यर्थियों से सौतेला रवैया अपना रही है। एक वर्ष से ग्राम्य विकास अधिकारी का फार्म भरने के बाद लोग कर रहे हैं इन्तजार। 

एक साल से कर रहे इन्तजार।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अक्टूबर 2013 में ग्राम्य विकास अधिकारी का फार्म आनलाईन भरा जाना प्रारम्भ हुआ समय—समय पर आनलाईन फार्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ती गयी और इस तरह बाद में 18 जनवरी 2014 फार्म के रजिस्ट्रेशन की आखि​री तिथि पर आवेदन की प्रक्रिया रोक दी गयी। जिसमें प्रदेश के 125220 अभ्यर्थियों ने फार्म भरा जिसमें 49316  सामान्य वर्ग, 54957 अन्य पिछड़ा वर्ग, 20250 अनु0 जाति तथा 697 अनु0 जनजाति के लोगों ने का फार्म था। और एक वर्ष गुजर जाने के बाद अभ्यर्थियों को आज तक कोई जानकारी नहीं मिली।वाराणसी के कुल 1988 अभ्यर्थी भी कर रहे हैं इन्तजार।

यह विवरण ग्राम्य विकास विभाग उ0प्र0 की वेबसाईट www.gvaup.in से लिया गया है।


नहीं आयी कोई जानकारी।
ग्राम्य विकास अधिकारी के लिये आनलाईन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रदेश सरकार अभ्यर्थियों के ​जीवन से खिलवाड़ कर रही है आवेदन के समय आवेदन शुल्क भी जमा कर दिया लेकिन आज तक इसका प्रवेश पत्र नहीं आया समय—समय पर जिस प्रकार से इस भर्ती की तिथि बढ़ायी गयी उससे तो यही प्रती​त होता है कि प्रदेश सरकार केवल अभ्यर्थियों के जेब पर कैंची चलाना चाहती थी और सफल हो गयी लोगों ने यहॉ तक कहा कि आयोग की परीक्षा में इतना समय नहीं लगता है लेकिन जो भी परीक्षा प्रदेश सरकार अपने विभागों के माध्यम से करा रही है उसमें जाने क्यों इतना समय लग रहा है तथा मनमाने तरीके से फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। 
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