Tuesday, 23 August 2016

पैसे के आभाव में अस्पताल द्वारा युवती को बनाया गया बंधक


÷पीएम के संसदीय क्षेत्र का मामला

वाराणसी। पैसे पास में न रहने और गरीबों के साथ अत्याचार के कई मामले आप सुने होंगे जिसमें पैसे के आभाव के चलते गरीब इलाज नहीं करा पाता है और मौत की चादर ओढ़ लेता है देखिये अब क्या हुआ?

सोनभद्र निवासी पैर से दिव्यांग राजरूप एक दलाल के चक्कर में फंसकर करीब 25 दिन पूर्व मस्तिष्क ज्वर से पीड़ित अपनी बहन मनीषा को गंभीर हालत में लेकर चाँदपुर स्थित एक निजी अस्पताल पहुंच गया था बहन की हालत में सुधार हुआ और वह सात अगस्त तक काफी हद तक ठीक हो चुकी थी लेकिन इलाज में लगभग एक लाख तीस हजार रुपये खर्च आया। अस्पताल प्रबंधन ने जब उससे खर्च की बात की तो उसने दे पाने में असमर्थता जताई। इलाज के रुपये की बाबत राजरूप प्रधानमन्त्री कार्यालय का चक्कर लगाया और थकहार कर मंडुआडीह थाना प्रमुख से गुहार लगाई तो उन्होंने अस्पताल पहुंचकर एक लाख रुपये कम करवा वापस चले गए। बाकी के लिए गांव जाकर मांगी तो उसे निराशा ही मिली। अब भी पीड़ित अस्पताल के रहमोकरम के इंतजार में बैठा है। 

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